Home Party Updates BJP कर्नाटक में चुनाव के नतीजों के बाद कौन बना रहा है अब...

कर्नाटक में चुनाव के नतीजों के बाद कौन बना रहा है अब सरकार।

क्या बीजेपी आगामी लोकसभा चुनाव के लगभग एक साल पहले खरीद-फरोख्त का आरोप सहने का खतरा उठाने के लिए तैयार है?

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कल दोपहर तक लग रहा था कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को पूर्ण बहुमत से भी अधिक सीटें मिलने जा रही है लेकिन दोपहर बाद रुझान बदलने लगे और शाम होते होते भाजपा 104 सीटों पर आकर अटक गई. कांग्रेस दूसरे नंबर पर और जनता दल (एस) तीसरे नम्बर पर पहुँच गयी॰ कांग्रेस ने मौके की नजाकत को समझते हुए तेज़ी दिखाई और तुरंत जेडी (एस) को अपना समर्थन का दिल्ली से ऐलान कर दिया. लेकिन मौजूदा स्तिथि में गेंद राज्यपाल के पाले में है जो संघ और भाजपा के निष्ठावान कार्यकर्ता रहे हैं और अनेक वर्षों तक गुजरात में नरेंद्र मोदी की सरकार में मंत्री के रूप में काम कर चुके हैं। पहले परम्परा यही थी कि सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने के लिए बुलाया जाए लेकिन खुद भाजपा ने गोवा और मणिपुर में इसे तोड़ा है. वहां कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बन कर उभरी थी लेकिन सरकार भाजपा और उसे समर्थन देने वालों की बनी. अब सब कुछ राज्यपाल के विवेक पर निर्भर है. यूं देखा जाए तो भाजपा को सरकार बनाने के लिए निमंत्रण देने का अर्थ खुल्लमखुल्ला विधायकों की खरीद-फरोख्त को न्यौता देना होगा. कर्नाटक को भाजपा के दक्षिण भारत में प्रवेश का सिंहद्वार कहा जा रहा था लेकिन इस बारे में इस तथ्य को भुलाया जा रहा है कि कर्नाटक में पहले भी भाजपा की सरकार रह चुकी है.

क्या कहती है अमित शाह की गणित और गुणा भाग की राजनीति:

वैसे तो सब कुछ अब कर्नाटक के महामहिम राज्यपाल के विवेक पर निर्भर है की वह किसे पहले बुलाते हैं! अगर भाजपा को मौक़ा मिला तो जोड़-तोड़ की राजनीति के महारथी माने जाने वाले मोदी के प्रधान सेनापति अमित शाह के पिछली परफ़ोरमेंसस को देखते हुए तो लगता है की वह कोंग्रेस को तोड़ने में सफल हो सकते हैं! क्योंकि कोंग्रेस जे॰डी॰एस॰ गठबंधन में कोंग्रेस के ज़्यादा विधायकों के जीतने के बाद भी मुख्यमंत्री और मंत्री जे॰डी॰एस॰ पार्टी के होंगे और उसके अधिकतर विधायक मज़बूत और लाभ के पदों पे होंगे! ऐसे में कोंग्रेस वो लोग जो पिछली सरकार में कमज़ोर थे या महत्वपूर्ण पदों से दूर रहे, वह भाजपा की मोदी छाप मलाई खाने में बिलकुल भी पीछे नहीं रहना चाहेंगे!

लेकिन अमित शाह के लिए किसी भी दल को सीधे सीधे तोड़कर भाजपा के लिए बहुमत जुटाना थोड़ा मुश्किल होगा क्योंकि किसी भी पार्टी को तोड़ने के लिए दो-तिहाई विधायकों का निकलना दल-बदल कानून के हिसाब से जरूरी होता है और ऐसा होने की संभावना बहुत कम है।

फिर कैसे बनाएगी भाजपा अपनी सरकार, ऐसे में अमित शाह की दूसरी चाल क्या हो सकती है:

एक दूसरी संभावना भी है। अगर कांग्रेस या जेडीएस के कम से कम एक दर्जन विधायक विश्वास मत के दौरान अनुपस्थित रहते हैं या अयोग्यता का खतरा उठाते हुए पार्टी के व्हिप के खिलाफ जाकर वोट करते हैं तो ही बीजेपी की सरकार चल सकती है।

क्या कहती है ज्योतिष, बी.एस येदिुरप्पा क्या बन पायेंगे सीएम !

पोलिटिकल एस्ट्रोलॉजर पं.अनुज के. शुक्ल (Pt. Anuj K Shukla) के ज्योतिषीय विश्लेषण के आधार पर जानने का प्रयास करते है कि क्या येदिुरप्पा मुख्यमन्त्री बन पायेंगे या फिर उनका कर्नाटक के 23वें मुख्यमन्त्री बनने का सपना अधूरा रह जायेगा।
बीएस येदिुरप्पा का जन्म 27 फरवरी सन् 1943 को अपरान्ह 02ः50 मि0 कर्नाटक में हुआ था। वर्तमान में आपकी कुण्डली में चन्द्रमा की महादशा में शनि का अन्तर एवं मंगल का प्रत्यन्तर चल रहा है। चन्द्रमा अष्टमेश होकर द्वादश भाव में नीच का होकर बैठा है। शनि द्वतीयेश एवं तृतीयेश होकर छठें भाव में बैठा है, जिसकी तृतीय दृष्टि अष्टम भाव पर है, सप्तम दृष्टि द्वादश भाव पर एवं दशम दृष्टि से तृतीय भाव को देख रहा है। अष्टम भाव अचानक राजयोग दिलाता है व षष्ठम भाव शत्रु व विरोधियों का कारक है। शनि छठें भाव में बैठकर तृतीय दृष्टि से अष्टम भाव को देखकर रहा है। यानि विरोधियों को परास्त करके सत्ता सुख का संकेत है। मंगल आपके लग्न में बैठकर अष्टम भाव को देख रहा है और वर्तमान में मंगल उच्च का होकर आपके दूसरे भाव मेें गोचर कर रहा है। जिसकी सप्तम दृष्टि अष्टम भाव पर पड़ रही है और अष्टम दृष्टि भाग्य भाव पर पड़ रही है। मंगल अष्टम और भाग्य भाव दोनों को मजबूत कर रहा है।

गोचर में शनि आपके प्रथम भाव में गोचर कर रहा है, जिसकी दशम दृष्टि पद का कारक दशम भाव पर पड़ रही है, इस भाव में कन्या राशि है। कन्या का स्वामी बुध शनि का मित्र है, इसलिए सत्ता का कारक दशम भाव मजबूत हो रहा है।

15 मई व 16 मई दोनों दिन गोचर में चन्द्रमा की स्थिति बीएस येदिुरप्पा के लिए अशुभ व संकटकारी प्रतीत होगी, लेकिन 17 मई को जैसे ही चन्द्रमा का गोचर मिथुन राशि में होगा, वैसे ही येदिुरप्पा के सीएम बनने की सम्भावना प्रबल होने लगेगी।

क्या है कहती है आप की राजनीतिक समझ वोट कर अपनी राय दें!