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उत्तर प्रदेश सरकार के 60 दिनों की समीक्षा, सुनील सिंह यादव (सपा) की क़लम से!

किसका साथ और ये कैसा विकास!

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yogi cm vs akhilesh yadav sunil singh
उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की पूर्ण बहुमत की सरकार बने हुए दो माह हो गए लेकिन हालात दिन प्रतिदिन ख़राब होते जा रहे हैं| देश के सबसे बड़े सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भले ही अपने विरोधियों को जोंड़-तोड़ कार सत्ता हासिल कार ली हो लेकिन एक बात साफ़ होती नज़र आ रही हैं कि प्रदेश को चला पाना उनके लिए आसान नहीं होगा| विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने जोर-शोर से समाजवादी पार्टी की सरकार के विरोध में नारा बुलन्द किया था की #गुंडाराज हैं अब असली सच सामने आ रहा है की किसके राज में गुंडाराज हैं| बीते दो महीने में प्रदेश का एक-एक कोना जातीय हिंसा का शिकार होता नज़र आ रहा हैं| अपराधी खुलेआम चुनौती दे रहे हैं और प्रशासन मूक दर्शक बना हुआ हैं| इसके लिए मुख्यमंत्री पूरी तरह से जिम्मेवार नज़र आ रहे हैं| भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने विधानसभा चुनाव के दौरान बड़े जोर-शोर से समाजवादी पार्टी की सरकार को कटघरे में खड़ा कार रहे थे और कह रहे थे की भाजपा की सरकार बनेगी तो कानून व्यवस्था दुरुस्त होगी| लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनते ही प्रदेश में लूटपाट हत्याए जातीय हिंसा की घटनाये इस ओर साफ़ तौर पर इशारा कार रही हैं कि अब असली गुंडाराज आ गया हैं| जहाँ न व्यापारी सुरक्षित हैं और न ही आम आदमी| सहारनपुर की घटना भले ही राष्ट्रिय मीडिया की सुर्ख़ियों में नहीं आई हो लेकिन सच्चाई यही हैं की इस घटना में पुरे प्रदेश के साथ-साथ देश के उस वर्ग को हिला दिया हैं जिसके साथ इस तरह की घटना हुई| एक जाति विशेष के लोगों ने दलित समाज को कमजोर मानते हुये अत्याचार किया| इसकी सुर्खिया मीडिया में कहीं नहीं रही| इतना ही नहीं दलित वर्ग ने दिल्ली में बड़ा प्रदर्शन भी किया लेकिन किसी भी मीडिया ने इसे दिखाने की जहमत नही उठाई|
उत्तर प्रदेश विधान परिषद् सदस्य - सुनील सिंह यादव (सपा)
उत्तर प्रदेश विधान परिषद् सदस्य – सुनील सिंह यादव (सपा)

उत्तर प्रदेश में आज कोई भी बड़ी हिंसा घटना हो वो सोशल मीडिया के जरिये पता चलती हैं| क्यूँकि केंद्र में मोदी और प्रदेश की योगी सरकार ने पूरे मीडिया पर कब्जा करके रखा हैं| दो महीने में गोरखपुर, जौनपुर, बलिया, मेरठ, सहारनपुर, मथुरा, आगरा में जो घटनाये घटित हुई उसका जिक्र नहीं हैं| कई थानों में मुकदमे इसलिए नही दर्ज हो रहे हैं कि कहीं अपराध का आकड़ा न बढ़ जाए| किसानों की कर्जमाफी का वादा करके सरकार केवल किसानों को झुनझुना ही पकडाया है| जो असल किसान हैं उसे इसका लाभ नहीं मिल पाएगा| पश्चिम में किसानों को गन्ने का सही मूल्य और बकाया राशि के नाम पर भाजपा सरकार ने धोखाधडी किया|समाजवादी पार्टी की सरकार द्वारा शुरू की गयी योजनाओ की जांच के नाम पर प्रदेश सरकार अपने को बचाने का काम कार रही हैं| जितना विकास प्रदेश में समाजवादी पार्टी ने किया उन उपलब्धियों को भारतीय जनता पार्टी पचा नहीं पा रही हैं| इसलिए अपनी नाकामी को छुपाने के लिए कभी एक्सप्रेस वे तो कभी गोमती के किनारे के सौंद्र्यीकर की जांच कराकर यह बताना चाह रही हैं की सरकार बहुत अच्छा काम कार रही हैं|पिछले दो माह में योगी सरकार अगर यह बता दे की उन्होंने कोई ऐसा फैसला किया जो जनता के हित में हो| कहने को तो प्रदेश में 24 घंटे बिजली देने का वादा किया जा रहा हैं लेकिन यह वादा कहाँ पूरा हो रहा हैं| शहरों में तो बिजली आ नहीं रही गाँव की बात को छोड़ दिया जाए| पिछले दो महीने में योगी सरकार के कामकाज की समीक्षाकी जाए तो बस यही निकलकर आ रही हैं कि योगी ने अपने आवास में पूजा हवन कराया| गौ-सेवा कर रहे हैं, प्रशासनिक कार्यालय का दौरा कर रहे हैं इसके अलावा नया क्या किया| पहले सरकार की ओर से कहा कि 60 दिन नही सौ दिन चाहिए| अब कह रहे हैं कि एक साल के बाद सरकार के फैसलों का असर दिखेगा|

लोकत्रंत में जनता के फैसले का सम्मान करते हुए एक बात तो जानने का सभी को हक़ हैं कि आखिर सरकार किसके लिए काम कर रही हैं| कुछ चंद लोगों के लिए या प्रदेश की जनता के लिए| मथुरा में व्यापारी की गोली मारकर हत्या हो जाती हैं| प्रदेश सरकार इस पर चुप्पी साधे हुए हैं| पुलिसकर्मियों के साथ बदसुलूकी तो आम बात हो गयी| जनता द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधि ही दुर्व्यवहार कर रहे हैं| अभी तो दो माह में ही उत्तर प्रदेश अपराध के कारनामों से कराह रहा है तो आने वाले दिनों में क्या हाल होगा यह देखने वाली बात होगी|

भारतीय जनता पार्टी को प्रदेश की जनता ने बड़ा बहुमत देकर प्रदेश में बेहतर काम करने का अवसर प्रदान किया| लेकिन प्रदेश सरकार की नाकामियों ने यह बात साबित कर दिया कि दो माह क्या दो साल बाद भी हालात सुधरने वाले नहीं हैं| यह अलग बात हैं कि खुलकर कोई बोल नहीं रहा हैं लेकिन जनता अंदर ही अंदर कराहने लगी हैं| और जिस दिन जनता की यह आवाज़ खुलकर सुनाईपड़ने लगेगी उस दिन योगीराज का असली चेहरा सामने आ जायेगा!

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